झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा बयान सामने आया है। हेमंत सोरेन ने कहा कि युवा छात्र हमारे लिए अहम हैं। छात्र भ्रमित ना हों। छात्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाएं। उधर, छात्रों के साथ बातचीत में झारखंड सरकार ने अधिकतर मांगें मान ली हैं। हालांकि, CBI जांच के लिए सरकार तैयार नहीं है। थोड़ी देर में आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान होगा।
CID करेगी आपराधिक पहलुओं की जांच
JPSC-JSCC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन के बीच उम्मीदवारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, 'आज तीसरे दिन की वार्ता और व्यापक विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों पर सरकार ने तय किया कि 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों से जुड़ी अनियमितताओं को दो तरीके से देखा जाएगा। आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी। इसके अलावा वित्तीय असर और अवैध वित्तीय लेन-देन के सबूतों को देखते हुए ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।'
फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का दिया आश्वासन
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आगे कहा, 'इसके बाद एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा और 90 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके अलावा जरूरी सुधारों के बारे में, सरकार ने कहा कि इस प्रक्रिया का मार्गदर्शन करने के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाकर सुधार किया जाएगा। इन चर्चाओं के बाद, छात्र प्रतिनिधियों ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग की और सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि चूंकि परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी इसलिए इसे रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है।'

रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव
सुदिव्य कुमार सोनू बोले कि सरकार ने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाकर जांच की देखरेख करने का प्रस्ताव दिया, मगर छात्रों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हमारा मानना है कि सरकार उठाए गए 98 प्रतिशत बिंदुओं पर सहमत हो गई और बाकी दो प्रतिशत जो विशेष रूप से CGL परीक्षा रद्द करने की मांग है। इस पर सरकार का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर जो परीक्षा कराई गई है, उसे सरकार अपनी तरफ से रद्द नहीं कर सकती है।
झारखंड के साथ साजिश हो रही है- हेमंत सोरेन
सीएम हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि झारखंड के साथ साजिश हो रही है। हमारे लिए युवा छात्र अहम हैं। छात्रों के साथ पारदर्शिता से न्याय होगा। सरकार तक छात्रों को अपनी बात पहुंचानी चाहिए।
हमारे युवा अपने अधिकारों के लिए विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। हमारी सरकार के कदमों के कारण ही उनमें आगे आने, विरोध करने और अपना अधिकार मांगने की हिम्मत आई है, क्योंकि हमारी सरकार ने गड़बड़ियों को उजागर किया है। युवाओं को इंसाफ मिलेगा और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाएगी। इस मामले को सियासी नजरिए से देखने या राजनीतिक संरक्षण पाने की कोई जरूरत नहीं है: हेमंत सोरेन
छात्र-सरकार वार्ता के बाद बड़ा अपडेट
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने सहमति जताई, छात्रों के मुताबिक, आज की वार्ता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर इस मुद्दे को आगे देखा जाएगा।
- TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर भी छात्रों ने अपना रुख स्पष्ट रखा।
- सरकार रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमिटी से जांच कराने के पक्ष में है, जबकि छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
- आपराधिक मामलों की जांच CID और आर्थिक मामलों की जांच ED से कराने की बात कही गई है।
- मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात भी सामने आई।
- जांच प्रक्रिया में IIM और XLRI के विशेषज्ञों से राय लेने का प्रस्ताव है।
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर बातचीत नहीं बन सकी।
- झारखंड सरकार का तर्क है कि JSSC की परीक्षा को रद्द करने का अधिकार/क्षमता इस स्तर पर नहीं है, क्योंकि मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आ चुका था और फिर जो नियुक्तियां हुई हैं, उसके अभ्यर्थी नौकरी में आ चुके हैं।
- सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि CGL से जुड़े कुछ अभ्यर्थी पहले से नौकरी कर रहे हैं, इसलिए परीक्षा रद्द करने का मामला और जटिल है।
- सरकार ने कहा कि CID की जांच के ऊपर रिटायर्ड जज की निगरानी रखी जाएगी। जांच को लेकर कोई शिकायत होने पर संबंधित पक्ष उस कमेटी के समक्ष जा सकता है।
- सरकार की ओर से आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन छात्रों ने अभी अंतिम सहमति नहीं दी है।
- अब छात्र प्रतिनिधि आपस में चर्चा के बाद सरकार को बताएंगे कि इन प्रस्तावों पर सहमति बनती है या नहीं।
किन बातों पर सहमति नहीं बनी
- सीबीआई जांच पर बात नहीं बनी।
- JSSC CJL को रद्द करने पर सहमति नहीं बनी।
- अब छात्र डेलिगेशन जाकर छात्रों से बात करके आगे जवाब देंगे।
- अभी आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
- हालांकि, JSSC PT रद्द करने पर सहमति बन गई है।
लिखित में दीजिए कि मांगें मान लीं- देवेंद्र महतो
सूत्रों के अनुसार, हेमंत सरकार के मंत्रियों ने भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो से भी वीडियो कॉल पर बात करके अनशन खत्म करने की अपील की तो महतो ने कहा कि लिखित में दीजिए कि मांगें मान ली हैं। अभी फाइनल राउंड की बातचीत चल रही है, उसके बाद बाहर आकर मंत्री और छात्र अपना स्टेटमेंट दे सकते हैं।
2 राउंड की बैठक रही थी बेनतीजा
गौरतलब है कि अब तक 2 राउंड की बातचीत बेनतीजा रही है। स्टूडेंट्स डेलिगेशन के मुताबिक, पहले सरकार अलग-अलग छात्रों के ग्रुप से एक साथ बैठक करना चाह रही थी, जिसका छात्रों के ग्रुप ने विरोध किया था। इसके बाद सरकार ने सिर्फ JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्रों को बैठक के लिए बुलाया।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च पर अड़े छात्र
वहीं, छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 10 अगस्त तक उनकी मांगों पर सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती है तो फिर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च होगा।